ओपटिकल फाइबर केबल क्या होती है What is Fiber Optic Cable Definition Types

What is Optical fiber cable and uses of fiber Optic Cable

जैसे जैसे technology grow करती जा रही है लोगो की technology पर dependency भी बढ़ रही है | Last के कुछ सालो मे high speed internet की demand corporate and home users दोनों जगह बड़ी है इसलिए ही ISPs के ऊपर ज्यादा तेज internet provide करने का pressure भी बढ़ रहा है | वैसे तो internet or PC connectivity के लिए बहुत सारी अलग अलग network cable जैसे की Twisted Pair, Coaxial cable आदि use की जाती है लेकिन फाइबर इन सबसे better है | फाइबर ऑप्टिक धीरे धीरे copper wire को replace कर रही है और फाइबर optic की खूबियों की वजह से फाइबर ऑप्टिक कम्युनिकेशन सिग्नल ट्रांसमिशन का सबसे भरोसे मंद medium बन गया है | फाइबर ऑप्टिक केबल को हाई स्पीड डाटा ट्रांसमिशन मीडियम भी कहा जाता है |

Fiber Optic Component :  फाइबर optic के बारे मे अच्छी तरह से समझने के लिए इसमें use होने वाले component को समझना होगा | इसके अंदर बहुत छोटे गिलास और प्लास्टिक filaments होता है जो की लाइट बीम्स को ले कर जाता है | लाइट पल्स को generate करने के लिए light-emitting diode (LED) या फिर injection-laser diode (ILD) को use किया जाता है | फाइबर ऑप्टिक के तीन बेसिक component होते है –

  1. Core (Inner Area) – यह वो एरिया होता है जहाँ से लाइट ट्रांसमिट होती है जितना ज्यादा कोर होगा उतनी ही अधिक ज्यादा लाइट पास हो सकेगी |Core generally glass से बनाया जाता है |
  2. Cladding (Middle part) – इसका काम होता है की कोर पर कम से कम refractive इंडेक्स provide किया जाये जिससे की लाइट वेव आसानी से फाइबर मे पास हो सके| Cladding generally glass or plastic से बनाया जाता है |
  3. Coating or buffer (Outer Layer) – यह प्लास्टिक की परत होती है जो की फाइबर को मजबूती देने के काम आती है | Cladding को acrylate polymer or polyimide की परत का लेप (कोटेड) किया जाता है यह लेप (कोटिंग) fiber को किसी भी प्रकार के damage से बचाती है |
What is Fiber Optic Cable Definition Types hindi

Fiber Optic Cable

How it work : फाइबर के डाटा रिसीवर एंड पर transmitter होता है (जहाँ से information or डाटा फाइबर ऑप्टिक लाइन मे एंटर या receive होता है) | इसको origin of information भी कह सकते है | Transmitter, code की गयी electronic pulse information को accept करता है एवं इसको processes करते हुए लाइट पल्स के रूप मे फाइबर लाइन मे ट्रांसमिट कर देता है | डिजिटल डाटा, लाइट plus के रूप मे केबल के अंदर ट्रांसमिट होता है | इन light plus को रिसीव करने वाले एन्ड पर लाइट plus को binary value मे translate किया जाता है जिसको की कंप्यूटर रीड व् अंडरस्टैंड कर सकता है | Fiber optic cables मे communication signals को ले जाने के लिए light pulse का use किया जाता है | इन light pulse को छोटे lasers या light-emitting diodes (LEDs) की help से generate करते है |

फाइबर ऑप्टिक मे ज्यादा तेज डाटा ट्रांसफर क्यों होता है : Fiber optic मे fast data transmit होने का reason है की इसमें data light waves के रूप मे transmit होता है जो की data को light की speed से  transfer कर सकते है | और इसलिए ही ये कहना कोई गलत नहीं होगा की fiber optic cables किसी दूसरे available data transfer medium मे सबसे तेज  data transfer rates provide करती है |

Fiber Optic Vs Copper Wire : Fiber-optic system और copper wire system (और ट्रेडिशनल सबसे जयदा use आने वाले medium) मे जो सबसे बड़ा difference ये है की फाइबर lines मे information को transmit करने के लिए light pulses का किया जाता है जबकि copper wire मे electronic pulses का use करते है | copper wires की तुलना मे इस केबल का एक फायदा और है की इसमें noise and interference बहुत कम होता है लेकिन फाइबर ऑप्टिक दूसरी केबल्स की तुलना मे कमजोर होती है एवं ब्रेक होने का रिस्क हमेशा रहता है इसलिए ही इसको जयदा अच्छी shielding की जरुरत होती है | जहाँ पर कॉपर वायर्स को बहुत आसानी से कितनी बार भी ज्वाइन, कनेक्ट या रिपेयर कर सकते है वही फिरबेर ऑप्टिक मे यह पॉसिबल नहीं और ब्रेक होने पर केबल को रेप्लस ही करना पड़ता है |

Fiber Optic का उपयोग : फाइबर ऑप्टिक केबल्स तेज ट्रांसफर स्पीड एवं लार्ज bandwidth प्रोवाइड करती है इसलिए फाइबर ऑप्टिक को इंटरनेट व् डाटा कम्युनिकेशन का backbone कहा जाता है मतलब यह internet network का जाल बिछाने के लिए फिरबेर काम मे लिया जाता है जैसे की ज़्यदातर अमरीका व् यूरोप के बिच जितनी भी टेलेकम्युनिकशन्स केबल्स है वो फाइबर ऑप्टिक है | ये cables long distances जैसे की local phone systems के साथ साथ बहुत सारे नेटवर्क सिस्टम का बैकबोन बन कर काम कर रही है | इसके आलावा और अलग अलग देशो को इंटरनेट से जोड़ने के लिए समुद्र के अंदर फाइबर ऑप्टिक केबल use की जाती है | लास्ट के कुछ सालो मे जैसे जैसे इंटरनेट की डिमांड increase हुई है फाइबर ऑप्टिक टेक्नोलॉजी लोकल इंटरनेट MAN मे भी popular होती जा रही है जैसे की BSNL से भारत मे FTTH service शुरू की है जिसमे home users को भी fiber के द्वार इंटरनेट प्रोवाइड किया जा रहा है | फाइबर कनेक्शंस की help से हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन provide करना possible होता है जिसमे की डाटा ट्रांसफर speed 1 Gbps तक हो सकती है | इसके अलावा फाइबर का use cable टेलीविज़न सर्विसेज, ऑफिस buildings, industrial नेटवर्क, एजुकेशनल campus आदि मे भी होता है | फाइबर केबल और भी फायदे है – 

  1. Fiber optic cables दूसरी केबल्स की तुलना मे ज्यादा bandwidth प्रोवाइड कर सकती है | इसका मतलब जयदा डाटा carry कर सकती है |
  2. Fiber optic cables बहुत हल्की व् पतली होती है |
  3. Data को एनालॉग की जगह digitally फॉर्म मे ट्रांसमिट किया जा सकता है | 
  4. दूसरी केबल की तुलना मे फाइबर मे बिना किसी प्रकार के सिग्नल बूस्टर के डाटा ज्यादा दुरी तक ले जाया जा सकता है |

Fiber optics का नुकसान :

  1. फाइबर केबल महंगी होती है |
  2. इंस्टालेशन दूसरी केबल्स की तुलना मे कठिन होता है |
  3. फाइबर को जोड़ना, रेपीअर करना एंड किसी भी तरह का मेंटेनेंस difficult होता है | 

Fiber Optic को दो main category मे divide किया जा सकता है –

  1. Single Mode Cable
  2. MultiMode

Single Mode : Single mode fiber को एक बार मे एक signal ले जाने के लिए design किया गया है | सिंगल मोड केबल को ज़्यदातर लम्बी दुरी के लिए use किया जाता है | Single mode fiber networks ज्यादा डाटा को ले जाने के लिए ज़्यदातर Wave Division Multiplexing (WDM) techniques use करती है |Single mode fiber optic cable का core बड़ा होता है|

MultiMode -जैसा की नाम से पता चलता है यह केबल एक बार मे एक से जयदा सिग्नल ले कर जा सकती है | Multimode fiber transmission को शार्ट डिस्टेंस के लिए use किया जाता है क्योकि लंबी दुरी पर सिग्नल स्प्रेड हो सकते है | Multimode fiber optic cable का core छोटा होता है | 

 

2 Comments

  1. yashdeep vitthalani July 3, 2017
    • Amit Saxena July 12, 2017

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