वीपीस वेब होस्टिंग क्या होती है What is VPS Web hosting India in hindi

Define Virtual Private Server VPS web hosting in hindi

अगर आप वेब होस्टिंग purchase करने के बारे मे सोच रहे है तो आपने shared, VPS and dedicated वेब होस्टिंग के बारे मे जरूर सुना होगा | आज हम यहाँ पर VPS web hosting को explain करेंगे और VPS के फायदे और नुक्सान के बारे मे विस्तार से explain करेंगे | इस post के बाद आप decide कर सकते है की आपको VPS होस्टिंग क्यों लेनी चाहिए?

VPS web hosting

VPS web hosting

आपको आपकी website के लिए अच्छी hosting की जरुरत होती है क्योकि आपकी website एवं business कितना भी अच्छा हो internet hosting पर बहुत जयदा depend करता है एवं जब business website को internet pr host करने की बात करते है तो एक अच्छी hosting choose करना बहुत जरुरी है क्योकि एक अच्छी hosting आपके online business को बड़ा भी सकती है और खत्म भी कर सकती है | आज की date मे बहुत अलग अलग web-hosting plans available है और आपके business के लिए cost effective, अच्छी and suitable होस्टिंग choose करना जरुरी है | कुछ सालो पहले start हुए VPS ने बहुत जल्दी ही grow करते हुए अपनी पहचान बना ली and आज web hosting मे बहुत ज्यादा demand की जाने वाली service बन गया है |

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VPS क्या है : VPS की full form Virtual Private server होता है एवं इसको virtual personal server के नाम से भी जाना जाता है | किसी भी data centers मे बहुत सारे physical servers होते है जब किसी physical server के resources (memory, storage, cpu etc) को software की help से virtually divide करके machine create करते है तो इस process को virtualization कहते है | VPS create करने के लिए physical server पर virtualization software (जैसे की hyperv, Vmware etc) की help से virtual machines create की जाती है | Physical server पर host की गयी इस machine को virtual machine कहते है | ये virtual machine physical server के resources को use करती है | किसी भी physical server पर उस के hardware resources के according बहुत सारी VM create की जा सकती है | virtual Machine पर कोई भी OS install किया जा सकता है | जब कोई customer VPS service लेता है तो hosing companies physical server पर hosted VMs मे से कोई एक VM customer को दे देता है और customer इस Virtual private server पर अपनी जरुरत के according operating system, disc space, and bandwidth use करता है |

Basically एक Physical server पर virtualization का concept use करके बहुत सारी customized virtual machines बनायीं जाती है जिनको VPS कहते है | जब भी किसी को VPS का access दिया जाता है तो वो केवल उस VPS machine को देख सकता है न की पुरे physical server को | user virtual server के OS मे login करके इस प्रकार काम कर सकता है जैसे की वो एक physical machine है जैसे machine को reboot कर सकता है, कोई भी software install कर सकता है आदि | लेकिन VPS एक ऐसी term है जो की बहुत सारे लोगो एवं business मे confusion create कर देता है क्योकि यह एक तरह से shared and dedicated hosting दोनों के जैसे काम करता है और बिच का solution’s माना जाता है |

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अब क्योकि यह एक dedicated server की जैसे काम करती है तो यह उन websites के लिए एक अच्छे interim solution हो सकता है जिनको की future मे एक dedicated server की जरुरत है लेकिन अभी traffic के हिसाब से वो VPS से ही mange कर सकते है | VPS hosting को hybrid hosting भी कहते है क्योकि ये एक physical server पर share किया हुआ environment होने के साथ साथ dedicated server की जैसे काम करता है इसलिए ही कहते है की ये shared hosting and dedicated hosting के बिच, एक bridge का काम करता है | VPS को virtual dedicated server (VDS) भी कहते है |

Virtual private server मे shared hosting की तुलना मे fair shared bandwidth and usage policy involved होती है | अगर आप VPS पर website host करते है तो आपकी site किसी दूसरी site से resources को share नहीं करेगी जैसे की shared hosting मे होता है | यहाँ तक की आपकी site उस partitioned server area मे live होती है जहाँ पर आपका अपना operating system, storage, RAM, and monthly data transfer limits होती है एवं यही वो reason है जिस वजह से आप VPS मे smooth more-stable site performance expect करते है |

VPS Hosting को कौन use करता है ?

VPS hosting की जरुरत ज़्यदातर तब पड़ती है जब आपकी website shared hosting पर है एवं उसके limited resources की वजह से आपकी website अच्छी तरह से perform नहीं कर पा रही है और साथ साथ आपका budget भी बहुत जयदा नहीं है | इस case मे कम budget मे dedicated hosting के alternate solution की तरह VPS web hosting को choose कर सकते है |

VPS hosting उन लोगो के लिए भी अच्छा है जो की shared hosting की limitation जानते है एवं अपनी website shared hosting की limitation की वजह से dedicated hosting पर चाहते है | ये उनके लिए भी एक अच्छा solution हो सकता है जो की technology को समझते है एवं hosting environment पर ज्यादा control चाहते है | VPS hosting कम budget मे ज्यादा freedom और Apache and PHP का root access देता है | इसके साथ आप SSL certificate और दूसरे किसी भी तरह के software install कर सकते है |

Shared hosting मे आप provide किये गए resources and platform pr depended होते है जबकि VPS मे आप अपने जरुरत के हिसाब से configuration and platform चुन सकते है |

VPS कैसे काम करता है : कोई भी VPS web hosting किसी भी physical server पर host करने के लिए virtualization software जैसे की hyperV, VMware आदि use किये जाते है | एक बार किसी physical server पर virtualization software को install करने के बाद customer की demand के हिसाब से Virtual machines create की जाती है जिनको की VPS कहते है | हर virtual machine पर एक operating system install किया जाता है and physical server के resources मे से RAM, hard disk, CPU आदि resources machine को allocate किये जाते है | Customers केवल VM के OS पर access कर सकता है न की physical server को | 

इस एक server पर इस प्रकार बहुत सारी VM (depend करता है की physical machine के hardware resources कितने है) create की जा सकती है जिनका access अलग अलग customer को होता है |

VPS hosting के फायदे क्या है :

  • Traditional shared web hosting service की तुलना मे VPS hosting मे customer को OS का full access होता है जिसमे customer अपनी requirement के हिसाब से VPS को configure कर सकता है |
  • VPS web hosting आपको ज्यादा power and control देने के साथ साथ dedicated server के फायदे कम cost मे available कराती है |
  • VPS मे आपकी website or files किसी दूसरी website के साथ share नहीं होती इसलिए ये privacy maintain रहती है |
  • VPS मे easily customization किया जा सकता है | VPS मे आपका अपना OS होता है इसलिए आपके पास अलग अलग server application जैसे की apache, Mysql, PDP की अपनी instance होती है इसलिए अगर किसी भी service को customize करने की जरुआत हो तो आप कर सकते है |
  • VPS server मे आपकी machine के resource किसी और website user के साथ share नहीं होते इसलिए आपके पास dedicated RAM, storage होती है जिसको website पूरी तरह utilize कर सकती है |

VPS hosting के नुकसान : ज़्यदातर VPS छोटी organization या वो users use करते है जो की कम price मे dedicated hosting के benefits लेना चाहते hai लेकिन VPS के कुछ disadvantages भी है –

  • Shared web hosting की तुलना मे VPS technical है इसलिए customer को technical knowledge होना जरुरी है | यह एक self manage hosting है जिसमे customer खुद ही अपनी server instance mange करता है और अगर customer को technical knowledge नहीं है तो थोड़ी परशानी आ सकती है |
  • यह उन small user website or organization के लिए shared hosting की तुलना मे expensive होता है जिनको dedicated hosting service की जरुरत नहीं लेकिन केवल वेबसाइट ट्रैफिक and bandwidth की वजह से VPS लेना पड़ रहा है |

इस post को पढ़ने के बाद आप समझ गए होंगे की VPS hosting small and medium size businesses के लिए ideal है जो की increase web traffic को low cost मे maintain करना चाहते है | website पर बढ़ते हुए traffic और user को maintain करने के साथ साथ VPS service opt करके आप ensure कर सकते है की site visitor को किसी भी तरह के performance issue नहीं आये | अगर आप अभी shared hosting use करते है तो VPS hosting मे move करने का एक main reason है resource utilization | इसका मतलब ये नहीं की website slow चल रही होगी लेकिन इसका मतलब जयदा web pages और traffic को handle करना है |

4 Comments

  1. vishnu sharma August 10, 2017
  2. Ajay November 25, 2017
    • Amit Saxena November 27, 2017
  3. Shadab Ahmad January 7, 2018

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