What is difference between Synchronous vs Asynchronous Data transmissions

Synchronous vs Asynchronous Data transmissions

Synchronous transmission, data transfer का method है जिसमे की sender and receiver को एक दूसरे से synchronized करने के बाद data को continuously signals की form मे भेज जाता है | Synchronous data transfer मे sender and receiver communication start करने से पहले कुछ time लेते है | इस waiting time मे data exchange के लिए जरुरी parameters set किया जाते है and decide होता है की sender or receiver मे से कौन data transfer को control करेगा, दोनों के timing set की जाती है जिससे की दोनों को data transfer के start और end का पता हो, इसके साथ साथ transfer के समय के लिए clocks को reset किया जाता है जिसके के वो decide time से आग पीछे communication start न हो ya कोई गलती न हो |

asynchronous data transmission

इस प्रकार Synchronous transmission एक fixed interval मे signal को predefined clocking signal के जरिया transmission करने का एक तरीका है जो की time-sensitive data (जैसे की VoIP and audio/video streaming) के लिए constant and reliable transmission को ensure करता है | यह दो connected devices के बिच real-time communication provide करता है जैसे की Chat Rooms, Video Conferencing, या फिर telephonic conversations इसके कुछ example है जहाँ पर Synchronous Transmission use होता है | 

क्योकि Synchronous Transmission efficient and reliable होता है इसलिए इसको वहां पर use किया जाता है जहाँ पर large amounts of data को quickly transfer करने की जरुरत होती है क्योकि data individual कैरक्टर्स की जगह large blocks मे transfer होता है | 

Two important points about S. Transmission –

  1. Synchronization complete होने के बाद data transmission start होता है | 
  2. Data full duplex mode मे blocks or frames की form मे transmit होता है 
  3. Sender and receiver मे Synchronization जरुरी होता है जिससे की sender को पता हो की new byte कहा starts (since there is no gap between the data) हो रही है |

Asynchronous Data transmissions मे sender and receiver information exchange के लिए कोई parameters नहीं बनाते इसकी जगह पर sender हर burst से पहले ऐवम बाद मे एक extra bit place कर देता है जिससे पता चलता है की कब नया burst start and end होता है | इसके बाद यह information send करता है ऐवम फिर receiver decide करता है की signal की timing को match करने के लिए clock को कैसे reset करना है | synchronous transfers की तुलना मे receiver, sender को communicate करने मे कोई time नहीं लगाता – की क्या information receive हुई है |

जब data को packets की form मे भेजना हो तब Asynchronous transmission method को use किया जाता है | start and stop bits मे opposite polarity होती है जो की receiver को यह समझने मे help करती है की कब information का second packet भेज गया है | 

किसी भी Asynchronous communication मे दो characteristics होते है | 

1. हर character से पहले ऐवम बाद मे start and stop bit होती है | 

2. characters के बिच space common होती है |

Asynchronous Data transmissions मे data half duplex mode मे flow होता है (1 byte or ek character at a time) | यह data को continuous stream of bytes मे transmit करता है | In general, send किया जाने वाले एक character का size 8 bits होता है जिसमे की एक parity bit भी add की जाती है जैसे की एक start and a stop bit जिससे की total 10 bits हो जाती है | इसके लिए किसी clock का synchronization की जरुरत नहीं होती इसके जगह पर यह data को interpret करने के लिए parity bits को ही use करता है |

Key Differences Between Synchronous and Asynchronous Data transmissions

  1. Synchronous Transmission मे data frame की form मे transfer होता है जबकि Asynchronous Transmission मे एक बार मे 1 byte |
  2. Synchronous Transmission sender and receiver के बिच clock signal की जरुरत होती है जबकि Asynchronous Transmission मे sender and receiver को clock signal की कोई जरुरत नहीं होती क्योकि data के साथ एक parity bit attach होती है जो की हर नयी byte को बताती है |
  3. Asynchronous Transmission मे Data transfer rate synchronous की तुलना मे slow होती है |
  4. Asynchronous Transmission बिलकुल simple ऐवम economic होती है जबकि Synchronous Transmission complex ऐवम महंगा होता है | 

9 Comments

  1. Deepak June 20, 2017
    • Amit Saxena June 22, 2017
  2. Deepak Goswami June 24, 2017
    • Amit Saxena June 27, 2017
  3. Ankit August 12, 2017
  4. Amrit Pal October 28, 2017
    • Amit Saxena October 30, 2017
  5. Chaman Kumar November 16, 2017
  6. CHUNAMUN PRAJAPATI November 22, 2017

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