एपीआई क्या है What is API Application program interface meaning in Hindi

API Application program interface meaning Kya hai

एपीआई full form क्या है : API is short form of Application program interface | API set of प्रोग्रामिंग कोड है जो की दो अलग अलग सॉफ्टवेयर प्रोग्राम्स को आपस मे कम्यूनिकेट करने मे हेल्प करता है। वैसे तो आपको API की बहुत सारी definition मिल जाएँगी लेकिन API को बहुत सिंपल भाषा मे बताने के लिए इस प्रकार explain किया जा सकता है – API ‘set of code’ एवं एक procedure होता है जो की किसी specific purpose या task के लिए बनाया जाता है एवं एक कम्पलीट module की तरह काम करता है | इस set of code or procedure को कोई भी दूसरा अपनी website, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर या OS मे इंटेग्रटे कर सकता है |

ऑपरेटिंग सिस्टम्स, ऍप्लिकेशन्स एवं वेब्सीटेस के लिए बहुत सारी डिफरेंट टाइप्स की APIs होती है – जैसे की विंडोज, जिसकी बहुत सारी API सेट्स होते है जो की सिस्टम हार्डवेयर एंड applications के लिए काम मे आते है — जब आप एक application से दूसरी एप्लीकेशन मे टेक्स्ट को कॉपी एंड पेस्ट करते है तो – ये API ही होती है जो की इस काम हो होने मे help करती है ।

एक अच्छी API, प्रोग्राम को आसानी से डेवेलोप करने के लिए सभी प्रकार के बिल्डिंग ब्लॉक्स प्रोवाइड करती है और फिर प्रोग्रामर उन ब्लॉक्स को एक साथ रखते हुए जरुरत के हिसाब से API डेवलप करता है । API बहुत सारे कमांड्स, फंक्शन्स, प्रोटोकॉल्स एवं ऑब्जेक्ट्स का कलेशन होता है जिनको use करके programmers software क्रिएट करते है एवं external सिस्टम से इंटरैक्ट करने के लिए मॉडल डिज़ाइन करते है । 

API

API

आइये इसको सिंपल example से समझते है – मान लीजिये आप कही घूमने जाने का प्रोग्राम बना रहे है और उसके लिए आप ऑनलाइन फ्लाइट टिकट सर्च करते है जैसे की makemytrip वेबसाइट पर बहुत सारी अलग अलग airlines की टिकट्स available होती है एंड आप इस साइट पर दूसरी companies की फ्लाइट्स रेट, schedule या फिर दूसरी इनफार्मेशन चेक कर सकते है | यह सब API की हेल्प से पॉसिबल होता है क्योकि makemytrip वेबसाइट ने उन फ्लाइट्स कम्पनीज की APIs को अपनी साइट पर इंटरग्रटे किया हुआ है इसलिए ही जब आप फ्लाइट सर्च करते है तो ये फ्लाइट्स की एपीआई अपनी साइट के डेटाबेस से जाकर फ्लाइट्स की इनफार्मेशन makemytrip साइट पर डिस्प्ले करने का काम कर रही है | एपीआई को एक दूसरे example से और समझते है | बहुत बार आपने देखा होगा की किसी साइट पर लॉगिन करने के लिए आपको जीमेल या फेसबुक का यूजर id पासवर्ड पूछा जाता है | अगर आपके पास gmail, फेसबुक का यूजर name है तो आप उन साइट्स पर बिना किसी registration के आसानी से FB, gmail के यूजर name  से लॉगिन कर सकते है | यह पॉसिबल है फेसबुक, जीमेल के लॉगिन API की वजह से जो की दूसरी साइट अपनी API इंटरग्रटे (मर्ज) करती है और उस लॉगिन API की वजह से ही आप उस साइट पर लॉगिन कर पाते है |

API के uses का आधार पर तीन broad category मे divide किया जा सकता है –

  1. Internal- Internal API exclusively एक कंपनी or organization मे use की जाती है |
  2. External- External API ज्यादातर company के बाहर किसी customers के लिए बनायीं जाती है|
  3. Partner- Partner API किसी specific purpose के लिए केवल partners के लिए design की जाती है जिससे की partners आपस मे business functions को access कर सके |

Types of API – 

  1. Hardware APIs – ये API hardware level पर काम करती है और devices से हार्डवेयर लेवल की इनफार्मेशन कैप्चर करने के काम आती है जैसे की किसी डिवाइस का S.No, model number आदि|
  2. Web Services एपीआई – ये API WWW की help से services provide करती है | जैसे की REST, SOAP, XML-RPC and JSON-RPC | 
  3. Source Code APIs
  4. Library based APIs
  5. Class based APIs
  6. Object Remoting APIs

Example of popular APIs –

  1. Google Maps एपीआई: GM एपीआई मोबाइल एंड डेस्कटॉप browsers के लिए बनायी जाती है जिसको use करके programmers Google Maps को webpages मे embed करते है |
  2. YouTube APIs: Google youtube एपीआई की help से YouTube videos एवं उनकी functionality को websites एवं ऍप्लिकेशन्स मे integrate किया जाता है|
  3. E-commerce एपीआई: अलग अलग eCommerce एप्लीकेशन के लिए एपीआई आती है जैसे की Product Advertising API, Product Information एपीआई आदि |
  4. Payment Gateway एपीआई – पेमेंट गेटवे APIs को use करके merchant पेमेंट को प्रोसेस कर सकते है |
  5. Example of Windows OS API : विंडोज मे मल्टीमीडिया से रिलेटेड टास्क जैसे की गेमिंग, ग्राफ़िक डिजाइनिंग आदि को मैनेज करने के लिए Microsoft DirectX की collection ऑफ़ एपीआई को use करते है |
  6. Mob API – एक programmer जो की एंड्राइड mobile के लिए app डेवलप करता है वह हार्डवेयर से इंटरैक्ट करने के लिए एंड्राइड एपीआई को use कर सकता है जैसे की Android-based device का front camera । 

API के फायदे –

  1. Time Saving – एपीआई टास्क को ऑटोमेटेड करता है इसलिए इसको use करने से कस्टमर्स के साथ साथ business के का भी टाइम सेव होता है ।
  2. Efficiency – एपीआई सभी तरह की कम्प्लेक्सिटी को हाईड करते हुए इजी इंटरफ़ेस प्रोवाइड करती है इसलिए एपीआई को use करने से product की एफिशिएंसी बढ़ती है।
  3. जयदा पहुंच – जैसा ऊपर बताया गया है की एपीआई अलग अलग requirements के लिए बनायीं जा सकती है इसलिए ही एपीआई की reach बहुत जयदा होती है एवं एपीआई को कोई भी easily अपने प्रोडक्ट मे merge कर सकता है व् use किया जा सकता है ।
  4. Automation – क्योकि एपीआई मे मशीन से मशीन का इंटरेक्शन होता है इसलिए लोगो को इनफार्मेशन के लिए एक दूसरे से इंटेरा टी करने की जरूरत नहीं होती । जो की टास्क को इजी एंड ऑटमोटेड बनता है ।
  5. पार्टनरशिप एंड बिज़नेस – एपीआई की हेल्प से बिज़नेस इजी होता है एवं कम्पनीज के बिच पार्टनरशिप बढ़ती है । जैसे जैसे कंपनी ग्रो करती है एपीआई की हेल्प से बिज़नेस इनफार्मेशन शेयर की जा सकती है एवं इसलिए बिज़नेस की जरुरत के हिसाब से चेंज या कस्ट्मोज़े किया जा सकता है एवं बिज़नेस रिलेटेड इनफार्मेशन शेयर की जा सकती है।

Leave a Reply